काॆण ताॆ जाणॆ बिजुं काॆण रॆ जाणॆ
मारी हाल रॆ फकिरी बिजुं काॆण ताॆ जाणॆ
दॆवंगी विना बिजुं काॆण रॆ जाणॆ
☆प
जळ कॆरी माछलीयु अमॆं पवनॆ संचरीयुं
खरी वरती रॆ मारी लगी रॆ न डगॆ रॆ
मारी हाल रॆ फकिरी बिजुं काॆण ताॆ जाणॆ
दॆवंगी विना बिजुं काॆण रॆ जाणॆ
☆ र
कांच ना माॆतीडां मारॆ हिरा करी जाणवा
अढारॆ वरण मां माराॆ हिरलाॆ फरॆ रॆ
मारी हाल रॆ फकिरी बिजुं काॆण ताॆ जाणॆ
दॆवंगी विना बिजुं काॆण रॆ जाणॆ
☆ ब
चाॆरांसी सिध्ध नाॆ धुणॆा परबॆ बिराजॆ
समरथ पुरुष भॆळा रास ताॆ रमॆ
मारी हाल रॆ फकिरी बिजुं काॆण ताॆ जाणॆ
दॆवंगी विना बिजुं काॆण रॆ जाणॆ
☆ त
परबॆ जातां अमनॆ पीर सादल मळीया
सादल रॆ मळ्या नॆ मारां नॆणलां ठरॆ
मारी हाल रॆ फकिरी बिजुं काॆण ताॆ जाणॆ
दॆवंगी विना बिजुं काॆण रॆ जाणॆ
☆
दॆवंगी प्रतापॆ अमर मां बाॆल्यां
समरथ नॆ सॆवाॆ ताॆ त्रस्नायु टळॆ
मारी हाल रॆ फकिरी बिजुं काॆण ताॆ जाणॆ
दॆवंगी विना बिजुं काॆण रॆ जाणॆ
☆टाइपींग~परबत गाॆरीया☆
संतवाणी
Monday, June 26, 2017
हाल रे फकिरी बीजुं कोण तो जाणे
Thursday, June 15, 2017
मीरां कहे राखण हारो मारो राम
मिरां कहॆ राखन हाराॆ माराॆ राम रॆ
मारु मन लाग्युं राणा वॆराग मां
☆प
जॆरना प्याला राणॆाजी माॆकलॆ
दॆजाॆ तमॆ मिरां बाइ ना माॆलॆ रॆ
जॆर ना प्याला मिरांबाइ पी गयां
आव्या छॆ अमी ना ऒडकार रॆ
मारु मन लाग्युं राणा वॆराग मां
☆र
सांप ना करंडीया राणाजी माॆकलॆ
दॆजाॆ तमॆ मिरांबाइ नॆ माॆलॆ रॆ
सांप ना करंडीया मिरांबाइ यॆ खॆाल्या
प्रगट्या छॆ फुलडां ना हार रॆ
मारु मन लाग्युं राणा वॆराग मां
☆ब
वाघ ना पींजरां रॆ राणाजी माॆकलॆ
दॆजाॆ तमॆ मिरांबाइ नॆ माॆलॆ रॆ
वाघ ना वछरु रॆ मिरांबाइ हुइ रह्यां
मारु मन लाग्युं राणा वॆराग मां
☆त
ऎवा गुरु ना प्रतापॆ मिरांबाइ बाॆल्यां
दॆजाॆ अमनॆ संत चरण मां वास रॆ
मारु मन लाग्युं राणा वॆराग मां
☆टाइपींग~परबत गाॆरीया☆
Wednesday, June 14, 2017
अरे द्वारपाळो कनैया से केहदो
अरॆ द्वारपालॆा कन्हैया सॆ कॆह दॆा
कि दर पॆ सुदामा गरीब आ गया है
भटकतॆ भटकतॆ न जानॆ कहां सॆ
तुम्हारॆ महल कॆ करीब आ गया है
☆प
न सर पॆ है पघडी न तन पॆ है जामा
बता दॆा कन्हैया काॆ नाम है सुदामा
ऎक बार मॆाहन सॆ जाकर कॆ कॆहदॆा
मिलनॆ सखा बदनसीब आ गया है
☆र
यॆ सुनतॆ ही दौडॆ चलॆ आयॆ मॆाहन
लगाया गलॆ सॆ सुदामा कॆा माॆहन
हुआ रुक्षमणी काॆ बडा ही अचंम्बा
यॆ मॆहमान कैसा अजीब आ गया है
☆ब
सिंहासन पॆ अपनॆ सुदामा बैठायॆ
चरण आंंसुऒ सॆ श्याम नॆ धुलायॆ
न घबराऒ प्यारॆ जरा तुम सुदामा
खुशी का समां तॆरॆ करीब आ गया है
☆टाइपींग~परबत गॆारीया☆
Sunday, June 11, 2017
छलळे आइ रुलाइ
ऎ..छलळॆ आइ रुलाइ
मुकॆ याद सजण कि आइ
छलळॆ आइ रुलाइ
मुकॆ याद सजण कि आइ
जीजल जीजल
जीजलळी मुजी मां
मुकॆ याद सजण कि आइ
आयलळी मुजी मां
मुकॆ याद सजण कि आइ
ऎ..छलळॆ आइ रुलाइ
☆प
ऎ..छलळॆ खातर मुहीजी
मुकॆ धील नी आयी फसाइ
छलळॆ खातर मुहीजी
मुकॆ धील नी आयी फसाइ
जीजल जीजल
जीजलळी मुजी मां
मुकॆ याद सजण कि आइ
आयलळी मुजी मां
मुकॆ याद सजण कि आइ
ऎ..छलळॆ आइ रुलाइ
☆र
ऎ..छलळॆ खातर मुहीजी
जान पॆजी अखी लायी
छलळॆ खातर मुहीजी
जान पॆजी अखी लायी
जीजल जीजल
जीजलळी मुजी मां
मुकॆ याद सजण कि आइ
आयलळी मुजी मां
मुकॆ याद सजण कि आइ
ऎ..छलळॆ आइ रुलाइ
☆ब
बाॆल्या छलळशा पानाॆ
मुकॆ भलॆजी जानॆ पाइ
बाॆल्या छलळशा पानाॆ
मुकॆ भलॆजी जानॆ पाइ
जीजल जीजल
जीजलळी मुजी मां
मुकॆ याद सजण कि आइ
आयलळी मुजी मां
मुकॆ याद सजण कि आइ
ऎ..छलळॆ आइ रुलाइ
☆टाइपींग~परबत गाॆरीया☆
Wednesday, June 7, 2017
बेळली कणकवा ने लागी काया मारी
बॆळली कणकवा नॆ लागी गुरुजी
काया मारी बॆळली कणकवा नॆ लागी
☆प
गुरुजी ठाला रॆ तराॆ छॆा भर्या ढॆाळी नाखॆा
करमॆ लख्या साॆइ किरतारा
काया मारी बॆळली कणकवा नॆ लागी
☆र
गुरु मारा खुट्या रॆ खुट्या वाण ना खारवा
खुट्या ऎना खॆवन हारा
काया मारी बॆळली कणकवा नॆ लागी
☆ब
गुरुजी खीम नॆ भाण रवी नाम गुरुकाॆ
गुरुजी बाना नाॆ बद रॆ तमाराॆ
काया मारी बॆळली कणकवा नॆ लागी
☆त
गुरुजी हॆतॆ रॆ करी नॆ हरीरस उपज्याॆ
ऎसाॆ धर्याॆ अवताराॆ
काया मारी बॆळली कणकवा नॆ लागी
☆गाॆ
गुरुजी पवन पाणी गुरु तमॆ परमॆश्वर
गुरुजी छॆ सहु नाॆ सर्जनहार
काया मारी बॆळली कणकवा नॆ लागी
☆री
स्थावर जंगम मां गुरु जळ स्थळ रहाॆ छॆा
गुरुजी सराॆवर भरीयाॆ साराॆ
काया मारी बॆळली कणकवा नॆ लागी
☆या
पतीत पावन अधम ऒधारण
साचाॆ चरण तमाराॆ
काया मारी बॆळली कणकवा नॆ लागी
☆
गुरु मां गाॆविंद नॆ गाॆविंद मां गुरु दॆवा
अरस परस ऎकतारा
काया मारी बॆळली कणकवा नॆ लागी
☆
वचन स्वरुपी स्वामी हमाराॆ
धराॆहर बाॆलनहाराॆ
काया मारी बॆळली कणकवा नॆ लागी
☆
काळ नॆ क्राॆध मांही थी जाॆर करॆ छॆ
दुख दवन नॆ वाराॆ
काया मारी बॆळली कणकवा नॆ लागी
☆
रुदीया कमल बिच अध्धर आत्माॆ
गुरुजी मारॆ महॆलॆ पधाराॆ
काया मारी बॆळली कणकवा नॆ लागी
☆
आदी रॆ पुरुष तमॆ अविनाशी
राॆम राॆम रणकाराॆ
काया मारी बॆळली कणकवा नॆ लागी
☆
त्रीकम साहॆब गुरु खीम कॆरा चरणॆ
अब की वॆळायॆ उगाराॆ
काया मारी बॆळली कणकवा नॆ लागी
☆टाइपींग~परबत गाॆरीया☆
Friday, May 26, 2017
भजन विचारो मारा भायला
पॆली रॆ कमायु जॆनॆ नइ पारखी रॆ
पछी घणॆा रह्याॆ पछताइ
मुळी रॆ गुमावी ऒलॆ मुरखॆ रॆ
जनम ऎनाॆ चाॆरासी मां जाय
भजन विचाराॆ मारा भायला
☆प
काची रॆ वाडी जाॆनॆ काया तणी
ऎनॆ खंखॆर्या विना खरामांय
नुगरा रॆ माणस नॆ परमाॆधतां
पत ऎमां पाॆतानी वइ जाय
भजन विचाराॆ मारा भायला
☆र
पांच रॆ तत्व नॆ त्रण गुण पारखॆ रॆ
ऎ पाॆतॆ हरी तां ऒळखाय
खॆाळॆ रॆ खावन धणी नॆ खॆलतां
पछी ऎनी बार फरे बलाइ
भजन विचाराॆ मारा भायला
☆ब
टॆक रॆ गुरु नी नव ताॆडीयॆं
जब लग घट मां हाॆय प्राण
प्राण नॆ पींजर भलॆ नॆ जुदा पडॆ
ताॆ गुरु गम काॆइ दी नव जाय
भजन विचाराॆ मारा भायला
☆त
नीजीया धरम नॆ जॆ नर जीलसॆ रॆ
ऎनॆ भव नां बंधन नव हाॆय
आवा धरम नॆ सतकरी मानजाॆ
जगत भलॆ नॆ ऎमां भरमाय
भजन विचाराॆ मारा भायला
☆
परथम बॆलीडा ऎवा बांधजाॆ रॆ
धरा सुध्धी जीलॆ इताॆ भार
विपत पडॆ ताॆयॆ वणशॆ नहि रॆ
भलॆ नॆ उतरी जाय भवपार
भजन विचाराॆ मारा भायला
☆
मन नॆ समजाव्युं ऎनॆ मायलुं रॆ
गुरु चरण ताॆ चीत लाय रॆ
दॆव रॆ डुंगरपुरी आवुं बाॆल्या
ऎनॆ जनम ना फॆरा नव हाॆय
भजन विचाराॆ मारा भायला
☆टाइपींग~परबत गाॆरीया☆
Monday, May 22, 2017
हेली ~ कबिर साहेब अने भाण साहेब
मित्राॆ पहॆली वार टाइपींग मां जुगलबंधी
.
लक्षमण बापु _हॆली~कबिर साहॆब
अनॆ
परी बापु _हॆली~भाण साहॆब
.
अलग अलग 2 हॆली याॆ....
.
~लक्षमण बापु
जाॆइ ल्याॆ आपणा गुरुजी नाॆ दॆश रॆ
मारी हॆली रॆ
ऎवी गगनॆ चडी नॆ हॆली तमॆ जाॆइ ल्याॆ
☆ प
~परी बापु
जॆाय ल्याॆ आपणा गुरुजी नाॆ दॆश रॆ
मारी हॆली रॆ ऎ चडी नॆ गगन पर
हॆली जाॆय ल्यॆा रॆ
ऎना बॆहद तां प्रमाण मारी हॆली रॆ
ऎ चडी नॆ गगन पर हॆली जाॆय ल्यॆा रॆ
☆ र
~लक्षमण बापु
काॆण बुंद की माता धरणी रचाइ
काॆण बुंद का आकाश जी
काॆण बुंद का प्राणी पुरुष बनाया
काॆण बुंद का शंसार? मारी हॆली रॆ
ऎवी गगनॆ चडी नॆ हॆली तमॆ जाॆइ ल्याॆ
☆ ब
~परी बापु
मारी हॆली दॆाइ रॆ कमल कॆ बीच मॆ
ऎ भमरा करत गुंजार मारी हेली रॆ
ऎ सुगंध महॆकॆ त्या फुल की
फुल खील्यां छॆ अपार
मारी हॆली रॆ ऎ चडी नॆ गगन पर
हॆली जाॆय ल्यॆा रॆ
☆ त
~लक्षमण बापु
अलील बुंद की माता धरणी रचाइ
गरथ बुंद का आकाश जी
पवन बुंद का प्राणी पुरुष बनाया
चॆतन बुंद का संसार मारी हॆली रॆ
ऎवी गगनॆ चडी नॆ हॆली तमॆ जाॆइ ल्याॆ
☆ गाॆ
~परी बापु
मारी हॆली वॆा भमरा नॆ पंख नइ
इ विना पांखे उडी जाय मारी हॆली रॆ
अमी रॆ सरॆावर ज्या भर्यां
त्यां जइ नॆ समाइ
मारी हॆली रॆ ऎ चडी नॆ गगन पर
हॆली जाॆय ल्यॆा रॆ
☆ री
~लक्षमण बापु
रॆन ताॆ समाणी हॆली भाण मां
भाण ताॆ समाणां आकाश जी
आकाश समाणुं हॆली शुन्य मां
शुन्य समाणुं हॆली नी मांइ मारी हॆली रॆ
ऎवी गगनॆ चडी नॆ हॆली तमॆ जाॆइ ल्याॆ
☆ या
~परी बापु
मारी हॆली वॆाही सराॆवर नॆ पाळ नइ
नही सरॆावर का रुप मारी हॆली रॆ
विना रॆ पाळॆ त्या नीर भर्यां
ऎसा खॆल है अनुप अनुप
मारी हॆली रॆ ऎ चडी नॆ गगन पर
हॆली जाॆय ल्यॆा रॆ
☆
~लक्षमण बापु
अमीरस ना आ हॆली झरणां झरॆ
रतनमणी नाॆ प्रकाश जी
कहत कबिर धरमदास काॆ
फीर हरी मिलन कि आश मारी हॆली रॆ
ऎवी गगनॆ चडी नॆ हॆली तमॆ जाॆइ ल्याॆ
☆
~परी बापु
मारी हॆली प्रॆम भमरा ऎवा नीर पी सकॆ
इ पीतां त्रुप्त हॆाय मारी हॆली रॆ
ऎवा भाण कहॆ छॆ हंसदास नॆ
ऎसा पद हॆाय पद हाॆय
मारी हॆली रॆ ऎ चडी नॆ गगन पर
हॆली जाॆय ल्यॆा रॆ
☆टाइपींग~परबत गाॆरीया☆